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This article is from ECHO Asia Note #20

परचय - क ृ त मदज़न ो क सं या महानकारक कवक हजो एक पौधेको मार सकतेह, इसम यज ू ेरयम ऐप” भी आता हैजो फयज ू ेरयम वट का आम करक हैतथा फेकोपोरा पेकराइज़ी जो सोयाबीन का आम करक है । कवक वयं अपने लए पोशक तव नहं बना सकतेहइसीलए उनको कोई दसू रा ोत ढू ंढना पड़ता है । कई बार यह परु ानी डबल रोट, सतं रेके छलके सड़ेह ु ए पेड़ के तनेया फर एक पौधेके सचं ायरक ऊतक के प महो सकता है । यह रोगजनक कवक वहाँ पनपतेहजहाँ वछ वाय ु क कमी, पानी का भराव या नमी होती है फर जहाँ पर बह ु त अधक वषा होती है । इस तरह के हालात सेपौधेको बचाया जा सकता है जब पौध को नयमत दरू पर सह ढंग सेलगाया जाए, सचं ाई का काय म सह हो तथा कवक पदै ा करनेवालेक ूड़े जसै ेसड़ेह ु ए पौधेव ्पयाँ एवं खरपतवार को नपादन कराया जाए। हम चाहेक ु छ भी कर लयह देखा गया हैक, कभी न कभी हमारेपौध को रोगाणज ु नक - कवक सं मत कर ह लेतेह । दभ ु ायवश हमार आध ु नक द ु नया मरासायनक उरवक तथा कटनाशक ह खेती क पदै ावार बढ़ानेलए अधक उपयोग कए ह । िजससेक बह ु त ह गंभीर एवंअधक माा मदष ू ण बढ़ रहा है । यद इनका योग अधक कया जाएगा तो कसान क नभर ता इन पर बढ़ती जाएगी तथा वह इसका योग अधक करनेलगगेऔर क ृ त मअसतं ु लन बढ़ता जाएगा।


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Asia

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