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This article is from ECHO Asia Note #20

[सपं ादकय लेखन - कथ सतत खेती का अयास अलोहा हाउस अनाथालय, य ु एट सं ेसा मकई साल सेकाम कर रहहैताक पोषण सेभरप ूर खेतो मउपादत भोजन बनाया जा सके िजसको अनाथालय मतथा थानीय उपभोता भी खा सके । पछलेमाच महनेमम ुझेकथ व उनके परवार सेअलोहा ममलनेका अवसर ात ह ु आ, जहाँ इको एशया अलोहा हाउस सतत खेती क कायश ाला चल रह थी। मउनक उपलिधय सेजो उहनेबह ु त ह कम ससं ाधान व छोट सी खेती के े मात क अयतं भावत ह ु आ। इस लेख मकथ हमारेसाथ ब ु नयाद तरके बाँटगेक कस कार उहनेमतय भोजन का उपादन कया। ] खेत के वारा उपन उपजाऊपन खेती को और अधक सतत बनाता है । फसल के अवशषे तथा खाद पोषण च का एक भाग है, तथा खचको कम करता है, यद कसान सह कार सेअपनेससं ाधन योग करता हैजो उनके पास पहलेसेह उपलध है । उधारण के लए कसान पशओ ु ंक चराई के लए चरागाह बना सकतेह, सअ ू र के लए फसल के अवशषे सेचारा बना सकतेहतथा मठा एवंसपरेटा दध ू का योग भी उनके भोजन के लए योग मला सकतेहै । वभन मटर क ु ल के पौधेक झाड़याँ एवंजड़ को काट कर बकरय के लए योग कर सकतेहतथा मछलय एवंमग ु पालन मजल म उगनेवालेफनस (पौध) का योग कर सकतेह


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Asia